301 के बाद नाबाद 226 रन, सरफराज खान बोले- बारिश ने मौका दिया तो फिर जड़ूंगा तिहरा शतक

नई दिल्ली
यूपी के खिलाफ ट्रिपल सेंचुरी जड़ने सरफराज खान  वाले एक बार फिर ट्रिपल सेंचुरी के करीब हैं। वह हिमाचल प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रोफी मुकाबले की पहली पारी में फिलहाल 213 गेंदों में 32 चौके और 4 छक्के की मदद से तूफानी 226 रन बनाकर नाबाद हैं और आज मंगलवार को दूसरे दिन जब वह मैदान पर उतरेंगे तो उनका लक्ष्य एक और तिहरा शतक लगाने का होगा। वह पिछली दो पारियों में 500 (527 रन) से अधिक रन बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगले दो दिन बारिश के आसार हैं, लेकिन अगर मुझे बैटिंग का मौका मिला तो तिहरा शतक लगाने की पूरी कोशिश करूंगा।




उन्होंने धर्मशाला से फोन पर कहा, 'पिछले मैच में ट्रिपल सेंचुरी जड़ी थी। एक बार फिर मेरे पास मौका है और टीम की जरूरत भी है। अगले दो दिन बारिश की संभावना जताई गई है। देखते हैं बल्लेबाजी का मौका मिलता भी है या नहीं। लेकिन अगर मिला तो तिहरा शतक लक्ष्य रहेगा।' बता दें कि सरफराज और शुभम रंजने (नाबाद 44) के बीच छठे विकेट के लिए 158 रन की साझेदारी हो चुकी है। पहले दिन खराब रोशनी के कारण खेल 75 ओवर के बाद ही रोक दिया गया। मुंबई का स्कोर फिलहाल 5 विकेट पर 372 रन है।


टीम की जरूरत थी, मेरी मेहनत काम आई
उन्होंने बताया कि हमारे कुछ विकेट जल्दी गिर गए थे यहां टीम को अच्छी साझेदारी की जरूरत थी तो मेरी मेहनत काम आई। फिलहाल टीम अच्छी स्थिति में है। उल्लेखनीय है कि सातवें राउंड के इलीट ग्रुप-ए और ग्रुप-बी के बीच एचपीसीए मैदान पर यह मैच खेला जा रहा है। मैच में पहले गेंदबाजी करते हुए मेजबान हिमाचल प्रदेश ने तेज गेंदबाजों ने शुरुआती तीन विकेट जल्दी ले लिए थे। मुंबई का स्कोर एक समय तीन विकेट पर 16 रन था। जय बिस्टा (12) और भूपेन लालवानी (1) के अलावा हार्दिक तामोर (2) भी सस्ते में आउट हो गए। इसके बाद सरफराज ने सिद्धेश लाड (20) के साथ 55 रन और आदित्य तरे (62) के साथ 5वें विकेट के लिए 143 रन जोड़ते हुए टीम को संभाल लिया है।

199 गेंदों में दोहरा शतक
एक वर्ष के कूलिंग पीरियड के बाद वापसी करने वाले 22 वर्षीय बल्लेबाज ने कहा, 'यूपी से लौटने के बाद एक वर्ष तक ठोकर खाने से काफी कुछ सीख गया हूं या यूं कहूं कि ठोकरों ने काफी कुछ सीखा दिया है। यह पारी उसी की वजह से है। मैंने जो एक वर्ष तक मेहनत किया है यह उसी का फल है। जो आप देख रहे हैं, वह पहले वाला सरफराज नहीं है। पहले मैं अपने विकेट आसानी से दे देता था, लेकिन अब अपनी पारी को बड़ी करना सीख गया हूं।' सरफराज की तूफानी बैटिंग का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होने दोहरा शतक महज 199 गेंदों में पूरा कर लिया। दूसरे दिन जब बैटिंग करने उतरेंगे तो सभी की निगाहें उनपर टिकी होंगी।

पिता ही हैं सबकुछ, जब-जब गिरा वह तारणहार बने
आईपीएल में अपनी बैटिंग से विराट कोहली तक को आकर्षित कर चुके इस युवा बल्लेबाज ने अपनी धांसू कमबैक का श्रेय अपने पिता नौशाद खान को दिया। उन्होंने बताया, 'मैं जब-जब गिरा तो मेरे पिता साथ रहे। जगह-जगह साथ भटके और हमेशा सपॉर्ट किया। मैं जो कुछ भी हूं उन्हीं की वजह से हूं। अगर उनका सपॉर्ट नहीं होता तो मैं ऐसी वापसी नहीं कर पाता।' बता दें कि सरफराज ने यूपी के खिलाफ 391 गेंदों में 30 चौके और 8 छक्के की मदद से नाबाद 301 रन बनाए थे।